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काव्या मारन : अबरार अहमद की खरीद पर मचा विवाद, काव्या मारन निशाने पर

Munesh Kumar Shukla Fri, Mar 13, 2026

द हंड्रेड 2026 की पहली पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को काव्या मारन के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने अपनी टीम में शामिल कर लिया। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई भारतीय प्रशंसकों ने काव्या मारन की आलोचना शुरू कर दी।

दरअसल, काव्या मारन सनराइजर्स हैदराबाद की भी सह-मालकिन हैं, इसलिए भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान इस फैसले पर ज्यादा गया। जैसे ही नीलामी में अबरार अहमद के नाम की घोषणा हुई और उन्हें सनराइजर्स लीड्स ने खरीदा, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने कहा कि भारतीय टीम या फ्रेंचाइजी से जुड़े मालिक द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदना ठीक नहीं है।

इस पूरे विवाद के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया कि द हंड्रेड इंग्लैंड का टूर्नामेंट है और इसकी फ्रेंचाइजी तथा नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह अलग है। इसमें अलग-अलग देशों के खिलाड़ी भाग लेते हैं और इस चयन प्रक्रिया से बीसीसीआई का कोई सीधा संबंध नहीं है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय लीगों में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के आधार पर चुने जाते हैं और कई बार अलग-अलग देशों के खिलाड़ी एक ही टीम का हिस्सा बनते हैं।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं कुछ फैंस का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय लीगों में खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर मौका मिलना सामान्य बात है।