TMC में इस्तीफों की हैट्रिक : राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने छोड़ी सदस्यता
Fri, Jun 12, 2026
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा राजनीतिक झटका तब लगा जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस सप्ताह पार्टी से इस्तीफा देने वाले वह तीसरे सांसद बन गए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों ने न केवल पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती खड़ी की है, बल्कि विपक्ष को भी टीएमसी पर हमला करने का अवसर दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। अपने पत्र में उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति, उपसभापति और राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि इस्तीफे के पीछे के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और यही वजह है कि लगातार सांसद पार्टी से दूरी बना रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि यह घटनाक्रम पार्टी संगठन में आंतरिक मतभेदों और नेतृत्व को लेकर बढ़ती नाराजगी का संकेत हो सकता है।
दूसरी ओर, टीएमसी नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दिया गया है और इसे संगठनात्मक संकट के रूप में प्रस्तुत करना गलत है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि टीएमसी पहले की तरह मजबूत है और सांसदों के व्यक्तिगत निर्णयों का पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ही सप्ताह में तीन राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा किसी भी राजनीतिक दल के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इससे पार्टी की संसदीय रणनीति और संगठनात्मक मजबूती को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि यह भी संभव है कि प्रत्येक इस्तीफे के पीछे अलग-अलग परिस्थितियां हों।
आने वाले दिनों में यदि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर विस्तृत स्पष्टीकरण देता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल टीएमसी के भीतर जारी घटनाक्रम पर पूरे देश की राजनीतिक नजर बनी हुई है।
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की आहट : सिद्धारमैया से पद छोड़ने के संकेत
Wed, May 27, 2026
कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। मंगलवार को कांग्रेस आलाकमान और कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर चला, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गंभीर चर्चा हुई। खबर है कि पार्टी हाईकमान ने सिद्धारमैया से पद छोड़ने को कहा है।
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी से मुलाकात से पहले ही सिद्धारमैया को राजनीतिक परिस्थितियों का अंदाजा हो गया था। यही वजह रही कि वे करीब एक दर्जन मंत्रियों को विशेष विमान से अपने साथ दिल्ली लेकर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उनकी रणनीति पहले कैबिनेट फेरबदल की मांग रखने की थी और जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ मंत्रियों के जरिए अपनी बात को मजबूती से रखने की तैयारी भी की गई थी।
हालांकि बैठक के दौरान घटनाक्रम पूरी तरह अलग दिशा में चला गया। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से राय मांगने के बजाय सीधे यह प्रस्ताव रखा कि वे राज्यसभा जाएं और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की जिम्मेदारी संभालें। साथ ही उनसे मुख्यमंत्री पद छोड़ने का संकेत भी दिया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान सिद्धारमैया को अपनी बात विस्तार से रखने का अवसर नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा जाने के प्रस्ताव पर सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी राष्ट्रीय राजनीति में जाने की फिलहाल कोई इच्छा नहीं है और उन्हें इस बारे में सोचने के लिए कुछ समय चाहिए। बैठक यहीं समाप्त हो गई और उनसे कहा गया कि वे अपना अंतिम फैसला कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को बता दें।
बैठक के बाद सिद्धारमैया ऊर्जा मंत्री के. जे. जॉर्ज के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य मंत्रियों से चर्चा की। बताया जा रहा है कि उन्होंने मंत्रियों से कहा कि हाईकमान अपने फैसले पर कायम है और उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत बेंगलुरु लौटने का फैसला किया। वहीं केसी वेणुगोपाल को भी यह संदेश भेज दिया गया कि सिद्धारमैया फिलहाल राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं और वे गुरुवार तक अपना अंतिम निर्णय ले सकते हैं।