भारत-अमेरिका : आर्थिक रिश्तों में बढ़ती गर्माहट
Wed, Feb 4, 2026
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की वर्तमान अमेरिका यात्रा ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुँचा दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की तथा द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग आगे बढ़ाने पर चर्चा की। जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से मिलकर खुशी हुई। भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई।
वहीं बेसेंट ने एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जयशंकर से मुलाकात करके अच्छा लगा। उन्होंने कहा, ‘‘इस बातचीत के दौरान हमने आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के महत्व के साथ-साथ आपसी हित के अन्य राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की।’’ जयशंकर दो से चार फरवरी तक अमेरिका की यात्रा पर हैं और बुधवार को विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से बुलाई गई महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में वह हिस्सा लेंगे। जयशंकर ने विदेश मंत्रालय में रुबियो के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी की जहां दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच व्यापार समझौते पर बनी सहमति का ‘‘स्वागत’’ किया और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज एवं खनन पर द्विपक्षीय सहयोग को ‘‘औपचारिक रूप देने’’ पर भी चर्चा की। जयशंकर की बेसेंट और रुबियो के साथ बैठक ट्रंप द्वारा ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह घोषणा करने के एक दिन बाद हुई कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं जिसके तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। जयशंकर ने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से भी मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
Manipur : अब Yumnam Khemchand Singh होंगे नए मुख्यमंत्री
Tue, Feb 3, 2026
मणिपुर में कुकी-ज़ो और मैतेई समुदायों के बीच लंबे समय तक चले जातीय तनाव और रुक-रुक कर हुई हिंसा की घटनाओं के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। हालात लगातार बिगड़ते जाने के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया।
इस बीच, केंद्र सरकार ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा की जांच कर रहे आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह अपनी जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र तैयार करे, लेकिन किसी भी स्थिति में 20 मई 2026 से पहले इसे प्रस्तुत किया जाए। इस आयोग का गठन 3 मई 2023 को भड़की हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए किया गया था। आयोग को हिंसा के कारणों की पड़ताल करने, घटनाक्रम का विश्लेषण करने और उस दौरान प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका और प्रतिक्रिया का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता हैं और सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। उन्होंने 2017 और 2022 के मणिपुर विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। वर्ष 2017 से 2022 तक वे मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष के पद पर भी कार्यरत रहे।2022 में उन्हें दूसरे एन. बीरेन सिंह मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इस दौरान उनके पास नगर प्रशासन और आवास विकास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। उन्होंने फरवरी 2025 तक मंत्री पद संभाला, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के साथ ही मंत्रिमंडल का कार्यकाल समाप्त हो गया।
कानपुर : 2283 करोड़ बढ़ा DRDO का बजट,कानपुर के रक्षा प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार
Mon, Feb 2, 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा संगठन डीआरडीओ के सालाना बजट में 2283 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी करने का एलान किया है। सालाना बजट बढ़ने से रक्षा उत्पादों के निर्माण, तकनीक और शोध में विकास होगा। इसका सीधा असर कानपुर स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई) को भी मिलेगा। डीएमएसआरडीई तीनों सेनाओं के लिए जरूरी रक्षा उत्पादों के प्रोटोटाइप तैयार करने के साथ-साथ तकनीक और जरूरी सुविधाओं को विकसित करने के लिए नई खोज और शोध करता है। बजट बढ़ने से रक्षा अनुसंधान में तेजी आएगी। डीएमएसआरडीई ने देश के सबसे सशक्त ब्रह्मोस मिसाइल के स्वेदशी रैमजेट ईंधन को विकसित किया है। अभी तक यह नेफथाइल ईंधन अमेरिका समेत दूसरे देशों से आयात करना पड़ता था। डीएमएसआरडीई की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा लेवल-छह श्रेणी की देश की सबसे हल्की बुलेटफ्रूफ जैकेट भी बनाई है। बैलेस्टिक हेलमेट, ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट और एंटी माइन बूट, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल खतरों से सुरक्षा देने के लिए एनबीसी सूट सशस्त्र बलों के लिए बनाया है। नेवी के लिए समुद्री खारे पानी को मीठे पानी में बदलने वाली पॉलीमर मेंब्रेन भी विकसित की है। कानपुर स्थित एचएएल और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को विमान, रक्षा एयरक्राफ्ट और कलपुर्जों को विदेशों से मंगवाने पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) में छूट का प्रावधान किया गया है। इसका सीधा असर स्वेदश में तैयार होने वाले विमानों, उनकी मरम्मत और रक्षा उपकरणों की ओवरहॉलिंग में लागत और खर्च पर पड़ेगा। एचएएल कानपुर में विमानों की मरम्मत होती है और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में तोपों समेत रक्षा हथियारों और उत्पादों की ओवरहॉलिंग होती है, जिसमें आने वाला खर्च कम होगा। एयरक्राफ्ट, विमान, रक्षा उपकरणों के कलपुर्जों को मंगवाने पर कस्टम ड्यूटी में कमी का फायदा रक्षा प्रतिष्ठानों को मिलेगा। मेंटेनेंस,ओवरहॉलिंग के काम में लागत कम होने का फायदा निर्माणियों को मिलेगा।